#स्वदेशीचिट्ठी

दुनिया ने माना ‘Statue Of Unity’ का लोहा!

अमेरिका से छपने वाली प्रमुख पत्रिका ‘टाइम्स मैग्जीन’ ने अपने जिन 100 प्रमुख स्थानों को दर्शनीय और अद्भुत माना है, ‘Statue Of Unity’ भी इसमें शामिल है।

इसके कारण से दुनिया भर का ध्यान फिर से इस प्रतिमा व उभरते भारत पर आया है। यह दुनिया कि विशालतम प्रतिमा है जो चीन की बुद्धा प्रतिमा से तीन गुना व अमरीका की स्टेच्यू ऑफ लिबर्टी से दोगुनी ऊंची है।जिस पर कुल 3300 करोड़ रुपए खर्च हुए।

इसके कारण से न केवल सरदार पटेल का मान सम्मान और भारत की एकता अखंडता का संदेश दुनिया भर में गया है, बल्कि हजारों लोगो को प्रत्यक्ष रोजगार भी मिला है।

कुछ लोग जो आलोचना करते हैं कि यह चीन से बनवाई गई, वह ठीक नहीं है।

इसके ऊपर जो पत्तरे लगे है, केवल वे ही चीन से बनवाए गए हैं। इसका कारण है कि उन्हें लोहा और कॉपर को मिला कर बनाना पड़ता है। और इसके लिए बहुत उच्च तापमान कि भट्ठियां चाहिए, जो भारत में उपलब्ध नहीं हैं। हालांकि उन पत्तरों की कीमत, कुल खर्च की 9 प्रतिशत ही है।

इसके अलावा भी गुजरात सरकार वहां 1300 एकड़ में वर्ल्ड क्लास जू का निर्माण करने जा रही है।

नर्मदा नदी पर बने होने के कारण वहां किश्ती एवं बोटिंग की भी सुविधा है और इसलिए यह स्थान भारत और दुनिया के लिए पर्यटक का बहुत बड़ा केंद्र बनता जा रहा है।

केवल 9 महीने में 20 लाख पर्यटक वहां जा चुके है।

इससे स्थानीय ग्रामीण लोगों को रोजगार मिला है और वहां जमीन की कीमतें भी बढ़ीं है।

इसके साथ ही इस लिस्ट में मुंबई के सोहो हाउस को भी शामिल किया गया है। जिसमे स्थानीय पेंटिंग और हाथों से बनी कलाकृतियों को दिखाया गया हैं।

भारत कभी पर्यटन के क्षेत्र में बहुत पीछे था लेकिन आज इस क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है।गत वर्ष पहली बार एक करोड़ विदेशी सैलानी भारत आए। हमे अवश्य ही इस क्षेत्र को बढ़ाने की दिशा में प्रयासरत रहना चाहिए ताकि रोजगार के अवसर बढ़ाए जा सके।

~ स्वदेशी एजुकेटर की कलम से।